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लखनऊ/प्रयागराज/देवरिया/गोरखपुर उत्तर प्रदेश। हाईकोर्ट की अवहेलना पर खूद हाईकोर्ट पहुंची है बीएसए शालिनी श्रीवास्तव। राज्य सरकार व अन्य के खिलाफ दाखिल की रिट पिटीशन. 09 मार्च को होगी सुनवाई. चार दिन से देवरिया जनपद से फरार है बीएसए. कार्यालय का कार्य हुआ बाधित. रूका कर्मचरियों का वेतन। लखनऊ/प्रयागराज/देवरिया/गोरखपुर उत्तर प्रदेश से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट

🔷 हाईकोर्ट के आदेश का अवहेलना कर खुद हाईकोर्ट पहुंची हैं बीएसए शालिनी श्रीवास्तव।

👉राज्य सरकार व अन्य के खिलाफ दाखिल की रिट पिटीशन, 09 मार्च को होगी सुनवाई।

👉चार दिन से देवरिया जनपद से फरार हैं BSA, कार्यालय का कार्य हुआ बाधित, रुका कर्मचारियों का वेतन।

लखनऊ/प्रयागराज/देवरिया/गोरखपुर उत्तर प्रदेश से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट

✍️ #प्रयागराज / #देवरिया / #गोरखपुर

इलाहाबाद हाईकोर्ट में क्रिमिनल मिसलेनियस रिट पिटीशन (CRLP) संख्या 4905/2026 के अंतर्गत बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) देवरिया शालिनी श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश राज्य सरकार एवं अन्य प्रतिवादियों के विरुद्ध याचिका दाखिल की है। यह याचिका 24 फरवरी 2026 को दाखिल की गई, जबकि 25 फरवरी 2026 को इसका औपचारिक पंजीकरण किया गया। यह याचिका सामान्यतः एफआईआर निरस्तीकरण, गिरफ्तारी पर रोक अथवा आपराधिक कार्यवाही को चुनौती देने के उद्देश्य से दाखिल की गई है।

✅ इस मामले की प्रथम सुनवाई 09 मार्च 2026 की तिथि निर्धारित की गई है तथा मामला कोर्ट नंबर-45 में फ्रेश केस के रूप में 687 नंबर पर सूचीबद्ध किया गया है। वही अभी तक देवरिया BSA को ना निलंबित किया गया है और ना ही उनकी व बाबू कि गिरफ्तारी हुई है।

🔷 प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 108 एवं 351(3) के तहत दर्ज प्रकरण से संबंधित है। मामला देवरिया जनपद के बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जुड़ा हुआ हैं। याचिका में उत्तर प्रदेश राज्य, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी गुलरिहा तथा एक अन्य निजी पक्षकार को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ताओं की टीम न्यायालय में पैरवी कर रही है।

🔷 आगामी सुनवाई में उच्च न्यायालय द्वारा याचिका में उठाए गए तथ्यों, कानूनी बिंदुओं एवं आरोपों पर विचार किया जाएगा। इस प्रकरण को लेकर पूरे उत्तर प्रदेश सहित विशेष रूप से देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर एवं आसपास के जिलों में प्रशासनिक एवं शैक्षणिक महकमे की नजरें टिकी हुई हैं।

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