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महावीर बस्ती का उत्सव भवन कुंडेश्वर राजमहल बाजार दरगुवां व कुंवरपुरा जतारा सहित अन्य बस्तियों विशाल हिंदू सम्मेलन।

*। महावीर बस्ती का उत्सव भवन, कुंडेश्वर, राजमहल, बाजार,दरगुंवा व कुंवरपुरा जतारा सहित अन्य बस्तियों में विशाल हिंदू सम्मेलन में एकता के सूत्र में बंधे सभी समाज।*


टीकमगढ़। जिले में सभी जगह मंडल एवं बस्ती स्तर पर विशाल हिंदू सम्मेलन चल रहे है, जिसमें भूमि पूजन के बाद कलश यात्रा निकालकर जागरण चल रहा है, सम्मेलन में संतों का आशीर्वाद वचन, मातृशक्ति के द्वारा कुटुम्ब प्रबोधन एवं पर्यावरण जुड़े विषय एवं संध के मुख्य वक्ताताओं द्वारा हिंदू संस्कृति व वेदों की भारतीय संस्कृति जुड़ी हुई सकारात्मक ऊर्जा , भारतीय परिदृश्य , एकता तथा भूतकाल की उपलब्धि गिनाई।भारत माता की स्तुति गाई गई एवं बालिकाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। अंत में एकता संकल्प लेकर समरसता भोज का आयोजन हुआ। वहीं उत्सव भवन में महावीर बस्ती का कार्यक्रम रखा गया जिसमें पूज्य संत चौकी वाले बब्लू महाराज,पूज्य संत लहरेन सरकार,पूज्य संत उत्तम दास, मातृशक्ति से प्रीति चतुर्वेदी, मुख्य वक्ता जितेंद्र वर्मा,बस्ती प्रमुख विष्णु शर्मा, जिला कार्यक्रम संयोजक विनोद आदित्य तिवारी,पालक जानकी अहिरवार, विभाग संयोजक अमर सिंह, जिला प्रचारक विनोद जी,रवि सक्सेना व स्वप्निल तिवारी उपस्थित रहे, कुंडेश्वर बस्ती में संत पूजारी जमुना प्रसाद, मातृशक्ति से प्रीति चतुर्वेदी, मुख्य वक्ता मनोज जी, मुख्य अतिथि में भूपेंद्र जी,श्याम लाल वंशकार, नंदकिशोर दीक्षित उपस्थित रहे, राजमहल बस्ती में मुख्य वक्ता सीताशरण अग्निहोत्री, मातृशक्ति से शालिनी परमार,पूज्य संत कुटी सरकार उपस्थित रहे, बाजार बस्ती में मुख्य वक्ता भूपेंद्र जी पाराशर, समर्रा बस्ती में मुख्य वक्ता राजकुमार पाठक व मातृशक्ति से शीलम मिश्रा उपस्थित रहे,दरगुंवा बस्ती में मुख्य वक्ता आलोक गुप्ता, मातृशक्ति से संगीता जैन,पूज्य संत लहरेन सरकार उपस्थित रहे,कुंवरपुरा जतारा बस्ती में मुख्य वक्ता शिव मोहन गिरी व मातृशक्ति से रश्मि गोयल उपस्थित रहे।साथ में पाण्डयाना बस्ती, भटनागर बस्ती,कुडीला व मलगुंवा में भी विशाल हिंदू सम्मेलन में सभी समाजों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। मुख्य वक्ताताओं व संतो ने सभी समाजों के हिंदूओं से एक होकर अपनी संस्कृति को संजोए रखने व आगे आने वाली पीढ़ी को हिंदू संस्कृति की सही समझ और भविष्य में भी संस्कृति के प्रभाव बताया, उन्होंने कहा कि एकता में ही हमारा बल है और संस्कृति व भविष्य सुरक्षित रहेगा।

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