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सुशासन का ढोंग और शर्मसार मर्यादा—जब सत्ता ही बन जाए भक्षक!

सुशासन का ढोंग और शर्मसार मर्यादा—जब सत्ता ही बन जाए भक्षक!

“हिजाब नहीं, सुशासन का असली चेहरा उतरा—बहनों के सम्मान पर अब ‘मौन’ का पहरा!”

बिहार की राजनीति में ‘सुशासन’ का दावा करने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 15 दिसम्बर को जो कृत्य किया, उसने लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तार-तार कर दिया है। एक नवनियुक्त डॉक्टर नुसरत परवीन, जो अपनी मेहनत से मंच तक पहुँची थी, उसके हिजाब को सरेआम खींचना केवल एक ‘असंवेदनशील व्यवहार’ नहीं, बल्कि महिला अस्मिता और उसकी व्यक्तिगत स्वायत्तता (Consent) पर सीधा हमला है। यह वैसी ही शर्मनाक हरकत है, जैसे किसी महिला का घूँघट उसकी

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