Site icon desh 24×7

दबंग लोगों द्वारा विकलांग किसान की भूमि पर जबरन कब्जा कलेक्टर को आवेदन देने के बावजूद भी नहीं मिला न्याय दफ्तरों के लगा रहा किसान चक्कर जिम्मेदार अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान

जिला रिपोर्टर

Oplus_0

सुरेश कुमार चौधरी टीकमगढ़ मध्य प्रदेश

दबंग लोगों द्वारा कृषि भूमि पर कब्जा कलेक्टर को आवेदन देने के बावजूद भी नहीं मिला न्याय

विकलांग किसान अपनी पटेती भूमि के लिए लगा रहा चक्कर दफ्तरों जिम्मेदार कब जागेगे।

टीकमगढ़।।। बल्देवगढ़ अंतर्गत इमलाना तहसील बल्देवगढ़ गरीब एवं मजदूर काशीराम अहिरवार कि पटेती पर दबंग लोगों ने कब्जा कर रखा है न्यायालय में 250 का दावा भी किया गया उक्त आदेश पारित किया गया कब्जा हटाने से आज तक प्रार्थी को कब्जे से वंचित रह गए हैं।
खसरा नंबर 795/2 रखवा 0. 678 एवं 797/2/1 रकबा 0.896 हेक्टर एवं 798 / 2 रकबा 0. 809 हेक्टर स्थित इम्लाना थाना व तहसील बल्देवगढ में स्थित है कृषि भूमि कार्य कर अपना एवं अपने परिवार का भरण पोषण करते चले आ रहे थे उक्त जमीन पर बाबूलाल किशोरी मुन्ना कल्लू अहिरवार पिता रमजुआ अहिरवार प्रकाश मुकेश तनय खज्जा संजय तनय बाबूलाल निवासी इमलाना के द्वारा प्रार्थी को परेशान एवं उनकी भूमि पर जबरन कब्जा किए हुए हैं न्यायालय से आदेश सिविल जेल की कार्रवाई आदेश पारित किया गया है लेकिन प्रार्थी को आज तक पटेती भूमि पर आज तक वापस नहीं दिलाई गई जिससे विकलांग हितग्राही दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।
जिम्मेदार अधिकारी कृषि भूमि हितग्राही काशीराम अहिरवार तनय हरजुआ निवासी इमलाना तहसील बल्देवगढ़ जिला टीकमगढ़ अनुविभागीय अधिकारी बल्देवगढ़ न्यायालय धारा 145/3 द.प्र.प्रकरण नाम
आवेदन पेश किया गया था जिस पर न्यायालय द्वारा प्रकरण सुनवाई करते हुए आदेश जारी किया गया आदेश चौकी देवरदा एवं थाना बल्देवगढ़ कब्जा हटाने के लिए जो उक्त जमीन नहीं दिलाई एवं सिविल जेल कार्यवाही उचित नहीं की जा रही है। दिनांक 3 9 2019।
अतः मध्य प्रदेश भू स्वराज संहिता 1959 की धारा 250 / 2 के तहत अनावेदक अहिरवार प्रकाश तनय खज्जा मुकेश तनय खज्जा अहिरवार तहसील बल्देवगढ़ द्वारा कब्जा नहीं हटाया गया। आदेश सात दिवस कब्जा हितग्राही को दिलाए जाने को न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश पारित हुआ था क्रमांक 01/अ/70 2015-16 प्रतिलिपि अंकित है प्रार्थी की भूमि को न्यायालय द्वारा सीमांकन नहीं कराया गया ना चिन्हित किया गया जिससे प्रार्थी दफ्तरों के चक्कर लगा कर विकलांग व्यक्ति हताश होकर मीडिया का सहारा लेने को मजबूर हो गया है आखिर उच्च अधिकारी कब उचित कार्रवाई करेंगे

Exit mobile version