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सप्त शक्ति संगम का किया गया आयोजन

ब्यूरो.रिपोर्ट.. अनुराग तिवारी
सप्त शक्ति संगम का हुआ आयोजन

बांदा.सरस्वती विद्या मन्दिर इंटर कॉलेज शास्त्री नगर में सप्त शक्ति संगम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृशक्ति में निहित सात मूल शक्तियों कीर्ति,वाक्,स्मृति, मेधा, धृति, क्षमा और श्री को जागृत कर समाज और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना है।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सप्तशक्ति क्षेत्र संयोजिका निधि द्विवेदी ने कहा कि मातृ शक्ति परिवार की आधारशिला के साथ ही संस्कार, शिक्षा और सामाजिक दिशा प्रदान करने वाली चेतना शक्ति है। उन्होंने कहा कि सप्त शक्ति का उद्देश्य महिलाओं के भीतर आत्मगौरव और कर्तव्य बोध को जागरूक कर पंच परिवर्तन जिसमें स्व-बोध,पारिवारिक प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य जैसे मूल बिंदु शामिल हैं, उसके विचारों को परिवार से समाज तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि जब परिवार संस्कारवान और जागरूक होता है, तब समाज के प्रत्येक स्तर पर समरसता और सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग की चुनौतियों में माताओं की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। बच्चों में मूल्य आधारित शिक्षा, सामाजिक दिशा, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और नागरिक कर्तव्य के संस्कार मातृ शक्ति ही प्रदान कर सकती है। यही पंच परिवर्तन की मूल भावना भी है।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंगलाचरण और दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति दी, जिसमें भारतीय संस्कृति में मातृ शक्ति के महत्व को प्रदर्शित किया गया। इसके बाद संगोष्ठी सत्र में मातृ शक्ति की भूमिका पर विचार प्रस्तुत किए गए, जिनमें प्रमुख विषय रहे पारिवारिक मूल्य और संस्कार, स्वदेशी और भारतीय सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, और नागरिक कर्तव्य। सप्तशक्ति प्रान्त संयोजिका डॉ प्रियंका श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की प्रस्तावना प्रस्तुत की,सनातन संस्कृति प्रश्नोत्तरी के माध्यम से बहनों से रुचिकर चर्चा की। साथ ही प्रान्त में आगामी समय में होने वाली मातृ गोष्ठियों और गतिविधियों की रूपरेखा भी प्रस्तुत किया l डॉक्टर अर्चना भारती ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की,विशिष्ट अतिथि अमिता द्वारा समाज सेवा और शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय मातृशक्तियों को सम्मानित किया गया। अंत में कार्यक्रम संयोजक अंजना ने सभी मातृ शक्तियों को सप्त शक्ति जागरण और पंच परिवर्तन के मूल सिद्धांतों को अपने परिवार और समाज में लागू करने का संकल्प दिलाया, और सभी उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सप्त शक्ति संगम और पंच परिवर्तन का समन्वय नई पीढ़ी के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।कार्यक्रम में विद्यालय की सभी शिक्षिकाएँ, पुरातन छात्राएं और लगभग 215 की संख्या में माताओं बहनों ने हिस्सा लिया.

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