बेगूसराय की सातों विधानसभा बनी हुई है हॉट सीट
14 नवंबर को उम्मीदवारों में चौंकाने वाला आएगा परिणाम
नन्दकिशोर दास
बेगूसराय ब्यूरो। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होनेवाला है। एनडीए पिछले 2020 के विधानसभा चुनाव में जो थोड़ा बहुत चुक हुई थी। वह अब इस बार नहीं करना चाह रही है। एनडीए के प्रत्याशी ने बेगूसराय के सातों विधानसभा की सीटों में से मात्र दो सीट बेगूसराय और बछवारा की जीत हासिल की थी। भाजपा ने पिछली बार बेगूसराय, बछवाड़ा और बखरी से अपना प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारा था। जिसमें से बेगूसराय और बछवारा की सीट से जीता था और एक बखरी की सीट गंवा दिया था। जबकि जेडीयू ने मटिहानी, साहेबपुर कमाल और चेरियाबरियारपुर सीट से प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारा था। जहां पिछली बार उनके तीनों प्रत्याशी चुनाव हार गए थे। एनडीए से अलग होकर लोजपा आर ने मटिहानी से राजकुमार सिंह को चुनाव मैदान में उतारा था। जहां पूरे बिहार में लोजपा ने एक सीट मटिहानी ही जीती थी। बाद में वह भी विधायक लोजपा पार्टी को छोड़कर जदयू में चले गए। पिछले 2020 के सातो विधानसभा से चुनाव जीतने वाले प्रत्याशियों ने जीत हासिल किया था। उनमें महागठबंधन के प्रत्याशी चेरिया बरियारपुर से राजद के राजवंशी महतो ने जीता था। उनको 68,635 वोट मिला था। जबकि उनके जेडीयू प्रत्याशी कुमारी मंजू वर्मा को 27,738 मत प्राप्त हुआ था। राजवंशी महतो ने 40,897 मतों से चुनाव जीता था। वहीं बछवारा से भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र मेहता ने पहली बार बछवारा में कमल खिलाने का काम किया था। सीपीआई प्रत्याशी अवधेश कुमार राय को मात्र 484 मतों से चुनाव हराया था। सुरेंद्र मेहता को 54,738 मत, जबकि अवधेश कुमार राय को 54,254 मत प्राप्त हुआ था। वहीं तेघरा विधानसभा की सीट से सीपीआई प्रत्याशी के राम रतन सिंह ने जेडीयू के प्रत्याशी वीरेन्द्र कुमार को 47,979 मतों से चुनाव हराया था। रामरतन सिंह को 85,229 और वीरेंद्र कुमार जदयू को 37,250 मत प्राप्त हुए था। मटिहानी की सीट से लोजपा आर के प्रत्याशी राजकुमार सिंह ने बोगो सिंह को 333 मत से चुनाव हराया था। राजकुमार सिंह को 61,364 मत और बोगो सिंह को 61,031 मत आया था। वहीं सीपीएम के राजेंद्र सिंह को 60,599 मत आया था। साहेबपुर कमाल सीट से राजद प्रत्याशी सतानंद संबुद्ध ने जेडीयू प्रत्याशी अमर कुमार सिंह को 14,225 मतों से हराया था। सतानंद संबुद्ध को 64,888 मत और जेडीयू प्रत्याशी अमर कुमार सिंह को 50 663 मत आय था। बेगूसराय सीट से भाजपा प्रत्याशी कुंदन कुमार ने कांग्रेस प्रत्याशी अमिता भूषण को मात्र 4,554 मतों से पिछली बार हराया था। कुंदन कुमार को 74,217 मत और अमिता भूषण को 69,663 मत प्राप्त हुआ था। इसके अलावा लाखो के निर्दलीय प्रत्याशी राजेश कुमार को 1802 मत आया था। बखरी सुरक्षित सीट से सीपीआई प्रत्याशी सूर्यकांत पासवान ने भाजपा प्रत्याशी राम शंकर पासवान को 777 मतों से हराया था। सूर्यकांत पासवान को 72,177 मत और भाजपा प्रत्याशी राम शंकर पासवान को 71400 मत मिला था। इस बार बेगूसराय की सातों सीट हॉट बनी है। जहां एनडीए और महागठबंधन दोनों इस बार चाह रहा है कि ये सातों सीट हम जीते। इस बार भाजपा ने बेगूसराय से फिर कुंदन कुमार को और बछवारा सीट से सुरेंद्र मेहता को, जबकि तेघरा सीट से भाजपा ने रजनीश कुमार को चुनाव मैदान उतारा है। इस बार चेरिया बरियारपुर से पूर्व मंत्री कुमारी मंजू वर्मा के पुत्र अभिषेक आनंद, मटिहानी से राजकुमार सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं लोजपा आर बेगूसराय के दो सीट साहेबपुर कमाल से सुरेंद्र विवेक और बखरी सीट से संजय कुमार पासवान को चुनाव मैदान उतारा है। जबकि महागठबंधन ने राजद मटिहानी से बोगो सिंह, चेरिया बरियारपुर से पूर्व सीएम सतीश प्रसाद के पुत्र सुशील सिंह कुशवाहा जो खगड़िया के रहने वाले हैं। साहेबपुर कमाल से सतानंद संबुद्ध को चुनाव मैदान में उतारा है। सीपीआई ने तेघरा से रामरतन सिंह, बछवारा से अवधेश कुमार राय और बखरी से सूर्यकांत पासवान को चुनाव मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने बेगूसराय से अमिता भूषण और बछवारा से गरीब दास को चुनाव मैदान में उतारा है। बेगूसराय के सातों विधानसभा की सीटों पर एनडीए और महागठबंधन एक-एक सीट को अपने झोली में इसबार करना चाह रहे हैं। बेगूसराय के सातों सीट का परिणाम 14 नवंबर को आएगा। जो परिणाम इसबार चौंकाने वाला होगा। मतदाता इस बार किसी भी प्रत्याशी को कुछ सही नहीं बता रहे हैं। सातों प्रत्याशी एनडीए और महागठबंधन के अपनी-अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए रात-दिन क्षेत्र में मतदाताओं का दरबारी कर रहे हैं। लेकिन एक भी प्रत्याशी अभी तक अपनी जीत को लेकर पूर्ण रूप से ठीक नहीं है, कि हम चुनाव जीत रहे हैं या नहीं। प्रत्याशी हारेगा चुनाव यह कहना अभी बड़ा मुश्किल है।
