
लखनऊ/देवरिया उत्तर प्रदेश से राजेश कुमार यादव की खास रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपदें में कक्षा आठ की 12 वर्षीय छात्रा से स्कूल प्रबंधक देवेंद्र कुशवाहा द्वारा कई महीनों तक दुष्कर्म का मामला सामने आया. वह टॉयलेट में बुलाकर धमकी देकर शोषण करता था. बच्ची ने डर से पहले चुप्पी साधी, लेकिन पिता के पूछने पर सच बताया. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की.
डर की वजह से बच्ची अपने माता पिता से कुछ नहीं बताती थी.
डर की वजह से बच्ची अपने माता पिता से कुछ नहीं बताती थी.
उत्तर प्रदेश के देवरिया में कक्षा आठवीं की छात्रा से कई बार दुष्कर्म करने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है. आरोप है स्कूल के प्रबंधक पर जो अपने ऑफिस के टॉयलेट में बुलाकर फेल करने की धमकी व जान से मारने की धमकी देकर शारिरिक शोषण करता रहा. 12 साल की बच्ची घर पर डरी सहमी रहने लगी. जब उसके पिता (PAC के जवान) दो दिन पहले छुट्टी से लौटे और उसकी हालत देखी तब प्यार से उसकी तबीयत व उदास रहने का कारण पूछा.
बेटी ने पिता के सामने सारा सच बता दिया. जिसके बाद पिता कोतवाली पहुंचे और आरोपी प्रबंधक देवेंद्र कुशवाहा के विरुद्ध तहरीर दी. जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है.
सीओ सिटी संजय कुमार रेड्डी ने बताया कि 5 अक्टूबर को देवरिया जनपद के थाना कोतवाली क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म की घटना के संबंध में तहरीर दी. दी गई तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. नामजद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, सदर कोतवाली क्षेत्र में एक कॉलोनी में द किड्स वैली पब्लिक स्कूल नामक एक निजी विद्यालय संचालित है. स्कूल के प्रबंधक देवेंद्र कुशवाहा ने बच्ची के साथ कई महीनों तक दुष्कर्म किया. पिता ने बताया कि दो दिन पहले जब वे छुट्टी पर घर आए, तो उनकी बेटी डरी-सहमी थी और उसकी तबीयत भी ठीक नहीं थी. बच्ची ने बताया कि जब वह कक्षा से टॉयलेट जाती थी, तो प्रबंधक उसे अपने ऑफिस में बुलाता था और टॉयलेट में ले जाकर उसके कपड़े उतरवा देता था. वह फेल करने और जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म करता था.
इसके अलावा, उसने बच्ची को घर पर किसी को बताने पर परिवार को मारने की धमकी भी दी थी. इस डर से बच्ची ने पहले किसी को कुछ नहीं बताया. हालांकि, जब पिता छुट्टी पर घर लौटे, तब बच्ची ने पूरी कहानी बताई।
