अलीगढ़। नगर निगम अलीगढ़ की कार्यप्रणाली को लेकर जीव दया फाउंडेशन और गौ रक्षा दल ने नाराज़गी जताई है। संस्था का कहना है कि गोवंश और आवारा कुत्तों से जुड़ी शिकायतों पर निगम समय पर कार्रवाई नहीं करता। शिकायत दर्ज कराने के बाद वाहन घंटों तक नहीं पहुँचते और कई बार पूरा दिन निकल जाता है।
फाउंडेशन की संचालक आशा सिसोदिया ने बताया कि नसबंदी के लिए भेजे गए कुत्तों की वापसी न होने की शिकायतें भी लगातार मिल रही हैं। जब इस बारे में जानकारी ली जाती है तो संबंधित केंद्रों से यही कहा जाता है कि “कुत्ते भाग गए।”
संस्था का आरोप है कि जब इस मुद्दे को लेकर नगर आयुक्त से बातचीत करने की कोशिश की गई तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। यहाँ तक कि आयुक्त ने महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए कहा कि अगर इतना ही प्यार है तो कुत्तों को अपने घर ले जाओ।
इस मामले को गंभीरता से उठाने के लिए जीव दया फाउंडेशन और गौ रक्षा दल की टीम ने सोमवार को महापौर प्रशांत सिंघल से मुलाकात की। गौ रक्षा दल के अध्यक्ष सचिन राघव ने विस्तार से स्थिति से अवगत कराया। इस पर महापौर ने आश्वासन दिया कि नगर निगम की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।
संस्थाओं ने मांग की है कि नगर निगम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार कुत्तों की नसबंदी को युद्धस्तर पर चलाए और पशुओं के प्रति जिम्मेदारी निभाए।
