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मेडिकल कॉलेज पहुँचने से पहले ही जान पर बन आती है आफ़त

मेडिकल कॉलेज पहुँचने से पहले ही जान पर बन आती है आफ़त

टूटी-फूटी सड़क पर रोज़ गिरते हैं मरीज और आमजन

जिला संवाददाता सुनील रैदास / शहडोल

नए निर्माण को लेकर टेंडर जारी होने के इंतजार में मेडिकल कॉलेज रोड और जर्जर होती जा रही है। न्यू बस स्टैंड से लेकर मेडिकल कॉलेज तक की 5 किलोमीटर की रोड वर्तमान में खराब हो चुकी है। मेडिकल कॉलेज तक पहुंचना लोगों के लिए आसान नहीं रह गया है। सड़क में इतने गड्ढे हो गए हैं कि चलना मुश्किल हो रहा है। कई बार मरीज व उनके परिजन गड्डों  की वजह से सड़क पर गिर कर घायल हो चुके हैं। लेकिन गड्डों को भरने के कार्य में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। ऐसे में नागरिकों और मरीजों की मांग है कि

नई सड़क जब बनेगी तब, लेकिन उसके पहले प्रशासन सड़क की कम से कम चलने लायक तो बनवा दे, ताकि उपचार के लिए मरीज बिना किसी परेशानी के आ जा सके। रोज घायल हो रहे मरीज-अपने

पिता को लेकर मेडिकल कॉलेज उपचार के लिए बाइक से ले जा रहा संदीप प्रजापति मेडिकल कॉलेज पहुंचने के पहले खुद ही मरीज बन बन गया। क्योंकि गड्ढे में मोटरसाइकिल का पहिया फंस गया और बाइक सड़क पर गिर गई। पिता तो सुरक्षित बच गए लेकिन उसके सिर में चोट लग गई। स्थानीय लोगों ने उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। बीती रात एमबीबीएस का छात्र भी गड्ढे की वजह से सड़क हादसे का

शिकार हुआ। यह कोई एक दिन की बात नहीं है. हर रोड लोग सड़कों पर गिरकर पायल हो रहे हैं। मुस्किल यह है कि मेडिकल कॉलेज जाने के लिए यही एक हो मार्ग है। साईवे से 1 किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज को सड़क पर हर जगह गड्ढे हैं। हैं। आए दिन स्टाफ एवं मरीज गड्ढे की वजह से दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। रात के समय तो मार्ग और असुरक्षित हो जाता है।

प्रभारी मंत्री के निर्देश हवा में बरसात के चार महीने पहले जिले के प्रभारी मंत्री एवं प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला  जब यहां के प्रवास पर आए थे, तब सड़क निर्माण के निर्देश दिए थे। उनके आदेश का पालन करने में स्थानीय अधिकारियों द्वारा लेटलतीफी को जा रही है। अधिकारियों के अनुसार सड़क मंजूर हो चुकी है, लेकिन टेंडर की प्रक्रिया नहीं कराई गई है।

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