नाम-पहचान एक, लेकिन 6 जिलों में सरकारी नौकरी कर रहा अर्पित सिंह, करोड़ों की सैलरी ली; UP में बड़ा फर्जीवाड़ा
रिपोर्ट राजेश कुमार यादव
लखनऊ/फर्रुखाबाद।उत्तर प्रदेश
मामला: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद स्वास्थ्य विभाग में एक गंभीर फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। पाँच दिनों के बजाय नौ साल तक एक अज्ञात व्यक्ति, जिसका नाम अर्पित सिंह था, लगातार एक्स-रे तकनीशियन के रूप में छह अलग-अलग जिलों में नौकरी कर रहा था: फर्रुखाबाद, बांदा, बलरामपुर, बड़ायूँ, रामपुर, और शामली ।
फर्जी पहचान: अर्पित सिंह का नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि रिकॉर्ड्स में एक जैसी दर्ज थी, लेकिन मानव संपदा पोर्टल (HR Portal) पर जब उनका रजिस्ट्रेशन हुआ, तो यह स्पष्ट हुआ कि वह व्यक्ति वास्तविक तक मौजूद नहीं है ।
आर्थिक हानि: एक जिले से प्रति माह लगभग ₹69,595 वेतन मिल रहा था।
एक साल में एक जिले द्वारा दिया गया वेतन: ₹8,35,140
नौ वर्षों में एक जिले से कुल वेतन: ₹75,16,260
सभी छह जिलों को मिलाकर अनुमानित कुल भुगतान: लगभग ₹4.5 करोड़ ।
कार्रवाई व जांच: मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने तीन उप‑मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की एक जांच टीम गठित की है। यह टीम पूरे मामले के तथ्यों की जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की शुरुआत की जा चुकी है। यह सवाल भी उठा है कि कैसे इतने लंबे समय तक एक “अस्तित्वहीन” व्यक्ति सरकारी वेतन का लाभ उठा सकता रहा, और क्या यह सिस्टम की खामियों का परिणाम है ।
निष्कर्ष:
यह मामला न केवल एक व्यक्ति की गैरमौजूदगी का है, बल्कि यह प्रशासनिक लापरवाही और निगरानी तंत्र की कमजोरी को भी उजागर करता है। 9 वर्ष तक चले इस फर्जीवाड़े ने करोड़ों रुपये की हानि पहुंचाई, जिसे सिस्टम सुधार और जवाबदेही की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।
