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संतकबीर नगर उत्तर प्रदेश. संतकबीर नगर मे जमीन की पैमाइश के लिए रिश्वत लेते लेखपाल को एन्टीकरप्शन टीम ने रंगे हाथ दबोचा।

“संतकबीर नगर में जमीन की पैमाइश के लिए रिश्वत लेते लेखपाल को एंटी‑करप्शन टीम ने रंगे हाथ दबोचा”

रिपोर्ट राजेश कुमार यादव
संतकबीर नगर उत्तर प्रदेश

विस्तृत विवरण

क्या हुआ:
संतकबीर नगर जिले की खलीलाबाद तहसील के नाजिर कार्यालय में हल्का लेखपाल राम अवध सिंह को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए एंटी‑करप्शन टीम ने रंगे हाथ दबोचा। यह पैसा शिकायतकर्ता से जमीन की पैमाइश कराने के एवज में मांगा गया था।

शिकायतकर्ता कौन था:
मगहर खास निवासी बेलाल अहमद ने अपनी पुश्तैनी जमीन की पैमाइश के लिए एसडीएम को आवेदन दिया था, जिसके बाद हल्का लेखपाल द्वारा रिश्वत मांगे जाने पर उन्होंने 20 अगस्त 2025 को एंटी‑करप्शन विभाग (बस्ती कार्यालय) में शिकायत दर्ज कराई।

कैसे हुई गिरफ्तारी:
टीम ने बेलाल को इरादतन पांच हजार रुपये के केमिकल-युक्त (चिह्नित) नोट दिए और खलीलाबाद तहसील परिसर में लेखपाल को नोट लेते हुए जाल में फंसा लिया। तुरंत उसे बखिरा थाने ले जाया गया और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत केस दर्ज किया गया।

लेखपालों का विरोध:
कार्रवाई के दौरान बखिरा थाने के बाहर अन्य लेखपालों ने धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि “टीम ने जबरन पैसे उनके साथी की जेब में रख दिए”—वे वीडियो की मांग कर रहे थे। बाद में तहसीलदार की वार्ता के बाद धरना समाप्त हुआ।

सारांश तालिका:

विवरण जानकारी

आरोपी लेखपाल राम अवध सिंह, हल्का लेखपाल, खलीलाबाद तहसील
शिकायतकर्ता बेलाल अहमद, मगहर खास निवासी
रिश्वत राशि ₹5,000 (पैमाइश के लिए)
तारीख शिकायत: 20 अगस्त 2025; गिरफ्तारी: तत्काल
स्थान नाजिर कार्यालय, खलीलाबाद तहसील
प्रक्रिया ट्रेप → गिरफ्तारी → केस दर्ज (भ्रष्टाचार अधिनियम)
विद्रोह अन्य लेखपालों का धरना प्रदर्शन

 

 

निष्कर्ष

यह घटना प्रशासन की भ्रष्टाचार मुक्त नीतियों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है—जहां शिकायत मिलने पर एंटी‑करप्शन विभाग ने त्वरित कार्रवाई की। हालांकि, लेखपालों का विरोध भी यह दर्शाता है कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता और सुनवाई का माहौल बनना आवश्यक है।

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