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देवरिया उत्तर प्रदेश। देवरिया के बहोर धनौती मे 34अपात्रों के आवासीय पट्टा निरस्त. डीएम दिव्या मित्तल ने की सख्त कार्रवाई. लेखपाल व कानूनगो निलंबित. तहसीलदार व एसडीएम पर जांच।

“देवरिया के बहोर धनौती में 34 अपात्रों के आवासीय पट्टा निरस्त — डीएम दिव्या मित्तल ने की सख्त कार्रवाई, लेखपाल व कानूनगो निलंबित, तहसीलदार व एसडीएम पर जांच”

रिपोर्ट राजेश कुमार यादव
देवरिया उत्तर प्रदेश

विस्तृत जानकारी (तथ्य एवं स्रोत सहित)

1. मूल शिकायत व भूमि आवंटन की अनियमितता

शिकायतकर्ता: रामसिंगार ने 19 जून 2020 को डीएम न्यायालय में लंबित वाद दर्ज कराया कि 4 नवंबर 2019 को बहोर धनौती गाँव में कुछ अपात्रों को नियमों का उल्लंघन करके आवासीय पट्टे दिए गए।

उल्लंघन की प्रकृति: जांच में पाया गया कि पट्टाधारकों में कई ऐसे थे जिनके पास पहले से ही पक्के मकान थे, विदेश में रहने वाले, अन्य गांव के निवासी, तथा भूमि प्रबंधन समिति के सदस्य और उनके परिवार को भी अनुचित रूप से पट्टे दिए गए। कुल 15 सदस्यों के बजाय केवल 3 का हस्ताक्षर उपलब्ध था—यह प्रक्रिया की गंभीर अनियमितता थी।

 

2. 9 अक्टूबर 2024 तक रिपोर्टिंग

तहसीलदार बरहज ने 8 अक्टूबर 2024 को जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें अपात्र 34 व्यक्तियों को पट्टा दिए जाने की पुष्टि की गई।

 

3. डीएम का निर्णय व तत्काल कार्रवाई

जिला मजिस्ट्रेट दिव्या मित्तल ने सुनवाई के बाद इन 34 आवासीय पट्टों को निरस्त कर दिया। साथ ही, तत्कालीन लेखपाल और कानूनगो को निलंबित करने का आदेश और तहसीलदार व एसडीएम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की।

 

4. अपर जिलाधिकारी का निर्देश (14 अगस्त 2025)

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), रामशंकर ने 14 अगस्त 2025 को एसडीएम को आदेशानुसार कार्रवाई और तत्कालीन तहसीलदार व एसडीएम की रिपोर्ट तैयार कर देने को कहा।

इस फैसले के बाद राजस्व विभाग में व्यापक खलबली मच गई।

 

 

सारांश तालिका

बिंदु विवरण

शिकायतकर्ता रामसिंगार (19 जून 2020 को वाद दाखिल)
उल्लंघन विवरण अपात्रों को पट्टा देना, समिति हस्ताक्षर केवल तीन
रिपोर्ट प्रस्तुत 8 अक्टूबर 2024 को तहसीलदार से
आदेश 34 पट्टे निरस्त, लेखपाल व कानूनगो निलंबित, तहसीलदार व एसडीएम पर कार्रवाई
अनुशासनात्मक आदेश 14 अगस्त 2025 को अपर जिलाधिकारी द्वारा रिपोर्टिंग निर्देश
प्रभाव राजस्व विभाग में खलबली, सख्ती का संदेश

 

निष्कर्ष

इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि डीएम दिव्या मित्तल ने सरकारी प्रक्रिया की पारदर्शिता और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया है। अपात्र लाभार्थियों को पट्टा दिए जाने की पहचान और कटुता के साथ कार्रवाई, प्रशासनिक जिम्मेदारी और जवाबदेही का संदेश दोनों है।

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