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करूणा एवं दया के सागर हैं प्रभु श्रीराम

करूणा एवं दया के सागर हैं प्रभु श्रीराम


कथा सुनाते पं. गोविन्द शास्त्री जी महराज
श्रीराम कथा में उमड़े श्रद्धालु

लालगंज-प्रतापगढ़। सांगीपुर क्षेत्र के लखहरा गांव में सामूहिक श्रीराम कथा में रविवार को श्रद्धालुओं का उत्साहजनक समागम दिखा। कथाव्यास आजमगढ़ के पं. गोविन्द शास्त्री जी ने कहा कि भगवान से बड़ा करूणा एवं दया का भाव रखने वाला कोई नहीं हुआ करता। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम ने सांसारिक जीवन के पथ पर अपने त्याग और सहिष्णुता तथा करूणा से मनुष्य को धर्म के मार्ग पर अनवरत बढ़ने की प्रेरणा दी है। पं. गोविंद शास्त्री जी ने कहा कि श्रीराम एक आदर्श राज्यसत्ता के निर्माण की भी युगोयुगों के

लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि श्रीराम के दर्शन में जीव के प्रति समता तथा उसके कल्याण का सर्वोत्कृष्ट सद्गुण का भाव मिला करता है। काशी से पधारी कथावाचिका प्रियंका पाण्डेय जी ने मां भगवती के चरित्र दर्शन को भारतीय नारियों के जीवन चरित्र में आदर्श का प्रतिबिम्ब बताया। उन्होंने कहा कि मां सीता ने जगत के कल्याण के लिए स्वयं दुःखों का वरण करते हुए लोकसुख का मंगल मार्ग प्रशस्त किया। कथा में श्रीराम धुन पर श्रद्धालुओं को मगन देखा गया। व्यवस्थापक मण्डल के डाॅ निरंकार सिंह, प्रभंजन सिंह, प्रधान बजरंग सिंह व राकेश प्रताप सिंह ने व्यास पीठ का पूजन अर्चन किया। इस मौके पर अशोकधर दुबे, अवधेश सिंह, कुंवर बहादुर सिंह, रामबोध शुक्ला, बबन पाण्डेय, धर्मेन्द्र पाण्डेय, अजीत मिश्र आदि रहे। आभार प्रदर्शन विक्रम सिंह ने किया।

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