Site icon desh 24×7

संघर्ष योद्धा मनोज जरांगे पाटील को आमरण उपोषण की अनुमति नहीं मिली..

महाराष्ट्र: छत्रपति संभाजी नगर (जालना)

जालना जिल्हा के मनोज जारांगे पाटिल एक बार फिर 4 जून को अंतर वली सराती में भूख हड़ताल शुरू करने वाले थे.इसी अंतराल में सराती गांव के मनोज जारांगे ने मराठा समुदाय को आरक्षण दिलाने के लिए भूख हड़ताल का हथियार उठाया।उनका आंदोलन पूरी दुनिया में मशहूर हो गया. इस सुदूर सारती गांव ने अपनी एक अलग पहचान बनाई।इस गांव में मुख्यमंत्री समेत कई नेता शामिल हुए.लेकिन अब मनोज जारांगे को गांव में ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है. गांव के उपसरपंच और सदस्यों ने कलेक्टर से मुलाकात की और बयान दिया कि जारांगे को भूख हड़ताल पर बैठने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.उनकी भूख हड़ताल से सांप्रदायिकता भड़कने की आशंका है. इसलिए उन्हें अनुमति नहीं दी जानी चाहिए.इसी वजह से मनोज जारांगे ने कहा कि हम तय करेंगे कि आने वाली 4 तारीख के बजाय 8 तारीख को उपवास करना है या नहीं. लेकिन अब पुलिस ने भी मनोज जारांगे को इजाजत देने से इनकार कर दिया. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज जारांगे ने कहा कि भले ही पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया हो, लेकिन कानून के तहत मेरे पास अधिकार है.हालाँकि मुझे इस वजह से अनुमति नहीं दी गई, मैं समुदाय के साथ चर्चा करने के बाद ही भूख हड़ताल शुरू करने जा रहा हूँ कल पता चलेगा क्या करना है.

Exit mobile version