*छात्रों ने चलाया स्वच्छता अभियान, देखे 10 हजार साल पुराने शैल चित्र, जाना महत्व*
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*छात्रों ने चलाया स्वच्छता अभियान, देखे 10 हजार साल पुराने शैल चित्र, जाना महत्व*
कटनी न्यूज। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में पर्यावरण संरक्षण हेतु कार्य कर रहे छात्रों के समूह विज़न के द्वारा प्रशासन द्वारा विकसित चितरंजन शैल वन में पहले सिंगल यूज़ प्लास्टिक एवं अन्य कचरे को एकत्रित किया गया एवं उसे संग्रहण वाहन में डलवाया, निरंतर स्वच्छता के नारों के साथ स्वच्छता अभियान चलाया गया एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रसारित किया गया। जिसमें वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भी सहभागिता रही।
*मनाया सिलवटे अच्छी है अभियान…*
कार्यक्रम में छात्रों ने बिना प्रेस किए हुए सिलवटों वाले कपड़ों को ही पहना, इसका उद्देश्य लोगों को प्रेस का उपयोग कम से कम करने हेतु जागरूक करना है। जानने की बात है कि कपड़ों पर प्रेस करके हर साल 0.19 मीट्रिक टन CO2 समतुल्य ग्रीनहाउस गैसें उत्सर्जित करते हैं, जो की जलवायु परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण कारण है।
*देखे 10 हजार साल पुराने शैल चित्र, जाना महत्व*
छात्रों ने कई शैल चित्रों को भी देखा जो यह दर्शाती हैं कि कटनी में सबसे पहले मानव सभ्यता का विकास हुआ था। छात्रों ने जाना की 10000 साल पूर्व मानव द्वारा निर्मित यह शैल चित्र संस्कृति, रीति-रिवाजों, परंपराओं और जीवन का अध्ययन करने के लिए प्राथमिक स्रोत है एवं इनका संरक्षण एवं संवर्धन करना बहुत महत्वपूर्ण है।
*मुख्य वन संरक्षक जबलपुर संभाग एवं जिला वन मंडलाधिकारी से मुलाकात*
छात्रों ने मुख्य वन संरक्षक जबलपुर संभाग एवं जिला वन मंडलाधिकारी श्री गौरव शर्मा से भी पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, वृक्षारोपण एवं वन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में मार्गदर्शन प्राप्त किया। अधिकारियों के द्वारा छात्रों के कार्यों की सराहना की गई एवं उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों में सहायता देने की बात कही।
इस कार्यक्रम के दौरान रेंजर नबी अहमद खान, आशुतोष माणके, काव्या गुप्ता, प्रिंसी पांडे, दीप्ति दिक्षित, कृष्णा तिवारी, दीक्षा गुप्ता, अक्षिका नामदेव, पूर्णिमा पांडे, आकृति गुप्ता, शालिनी बर्मन, अन्य स्वयंसेवक एवं वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।