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एक सामाजिक कार्य को करने के लिए हाजी रईस को नहीं मिली अनुमति

बदायूं 2022 विधानसभा में हुए चुनाव में आचार संहिता के उल्लंघन पर मुकदमे की तारीख पर न्यायालय पहुंचे हाजी रईस फखरे अहमद शोबी और पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव।

न्यायालय परिसर में लोगों को प्यासा और छांव के लिए परेशान होता देख हाजी रईस व्याकुल हो गए और उन्होंने वही सोच की इन परेशान लोगों के लिए कुछ तो करना चाहिए

 

जिससे दूर दराज से आए इन लोगों की परेशानी दूर हो सके।
तभी उन्होंने कुछ मीडिया कर्मियों से अपना विचार रख कर सलाह मांगी

उन्होंने कहा मैं चिलचिलाती गर्मी से निजात दिलाने के लिए एक शेल्टर तैयार करना चाहता हूं

 

जहां ऐसे लोगों को जो दूर दराज से आए हैं उनको हवा का ठंडे पानी का खाने का और आराम करने के लिए बिस्तर का इंतजाम किया जाए ताकि न्यायालय के चक्कर काटने वाले लोगों को कुछ सुकून मिल सके।

 

न्यायालय से निकलने के बाद हाजी रईस ने न्यायालय परिसर के बाहर मालवीय आवास को सही जगह समझ कर चुना

क्योंकि न्यायालय परिसर के नजदीक कोई ऐसी जगह नहीं है जहां शेल्टर तैयार हो सके लगभग 100 लोगों के लिए।

 

इस शेल्टर की तैयारी पूरी हो चुकी थी जब मालवीय आवास के अध्यक्ष से मुलाकात कर और सारी जानकारी बात कर उनसे इस कार्य में सहयोग के लिए परिसर की परमिशन मांगी तो उन्होंने परमिशन देने से मना कर दिया

 

और एक अच्छे कार्य का खात्मा हो गया

लेकिन हाजी रईस से पत्रकारों की बात हुई तो उन्होंने कहा जरूरी नहीं कि मैं सिर्फ इस एक कार्य से ही लोगों की मदद कर सकता हूं

 

यह नहीं कर सका तो और कुछ करुंगा मेरे हौसले बुलंद है मुझ में हिम्मत है और जो लोग मुझसे आस लगते हैं मैं उन्हें कभी निराश नहीं करता

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