
जिला कलेक्टर ने नगरीय निकायों को निर्देशित किया कि अवैध निर्माण पर कार्यवाही करें ताकि शहर में अतिक्रमण से जुड़ी समस्याएं नहीं हो। उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय एवं राजस्व अधिकारी अवैध कॉलोनियों पर कार्यवाही करें। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी अधिकारी आगामी 15 दिनों में अभियान चलाकर जिले में नई अवैध कॉलोनियों पर कार्यवाही कर उन्हें आवश्यक रूप से इस संबंध में अवगत करावे। उन्होंने सभी विकास अधिकारियों को शत–प्रतिशत पेंशन वेरिफिकेशन सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया।
बैठक में बिना अनुमति के अनुपस्थित रहने पर सब रजिस्ट्रार सीकर एवं डीआर कोऑपरेटिव को नोटिस जारी करने के साथ ही नामांतरण से जुड़े मामलों में लापरवाही बरतने पर दांतारामगढ़ तहसीलदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि आगे भी जानबूझकर राजस्व मामलों को लंबित रखने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। इस संबंध में उन्होंने नायब तहसीलदार दातारामगढ़ के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक से जुड़ी संपूर्ण जानकारी उपलब्ध नहीं करवाने और पूरी तैयारी के साथ बैठक में नहीं आने पर अपने कार्यालय के रीडर एवं अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी पर 17 सीसीए नोटिस के तहत कार्यवाही करने के निर्देश दिय। बैठक में लाइट्स पोर्टल पर पेंडिंग चल रहे मामलों एवं जिला कलेक्टर कार्यालय से जारी किए गए स्टार मार्क प्रकरणों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में आभावास, रींगस में पावर हाउस निर्माण करने के लिए एक बीघा जमीन आवंटन करने एवं फतेहपुर में अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्यवाही करने, गाडौदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास जलदाय विभाग की पाइपलाइन शिफ्ट करने की विस्तार से समीक्षा की गई।
इस दौरान बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर रणजीत सिंह, प्रशिक्षु आईएएस सांई कृष्णा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर शहर हेमराज परिडवाल, सीईओ जिला परिषद नरेंद्र पुरोहित, डीआईजी स्टाम्प भागीरथ, सीकर एसडीएम जय कौशिक, धोद एसडीएम कुणाल राहर, दांतारामगढ़ एसडीएम गोविंद सिंह भींचर, सीएमएचओ डॉ. निर्मल सिंह, संयुक्त निदेशक डीओआईटी एस. एन. चौहान, एसीएम मुनेश कुमारी सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहें।
