बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर प्रशासन, पुलिस गंभीर नहीं
*सड़कों पर बढ़ती घटनाओं के बावजूद न तो प्रशासन गंभीर है और न ही पुलिस। सड़क पर यातायात बाधक तत्वों को हटाने नगर प्रशासन के पास फुर्सत नहीं*, ऐसे हालात में दुर्घटनाएं कैसे रुकेगी यह सवाल उठता है। फिलहाल हालात ऐसे हो चुके हैं की शहरी क्षेत्र की सड़कों पर जान जोखिम में डालकर नागरिकों को आवाजाही करनी पड़ रही है।
व्यवस्था में सुधार के लिए जहां प्रशासनिक कसावट की जरूरत है वहीं किसी आईएएस, आईपीएस अफसरों की सरायपाली में पद-स्थापना की भी आवश्यकता महसूस हो रही है।
