Site icon desh 24×7

महात्मा ज्योतिबा फुले ने कुरीतियों को दूर करने के लिए कर दिया जीवन समर्पित

महात्मा ज्योतिबा फुले ने कुरीतियों को दूर करने के लिए कर दिया जीवन समर्पित

 

मां सरस्वती शिक्षा समिति के प्रबंधक एवं प्राचीन मानवाधिकार काउंसिल सदस्य डॉ एच सी विपिन कुमार जैन ने कहा किदेश में सामाजिक क्रांति के अग्रदूत महात्मा ज्योतिबा फुले ने गरीबों, महिलाओं दलितों एवं पिछड़े वर्ग के उत्थान और सामाजिक जड़ताओं व कुरीतियों वह दूर करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। महात्मा ज्योतिबा फुले का जीवन और उनके विचार एवं महान कार्य आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।

 

थिंक मानवाधिकार संगठन एडवाइजरी बोर्ड मेंबर डॉ कंचन जैन ने कहा कि समय महाराष्ट्र में जाति-प्रथा बड़े ही वीभत्स रूप में फैली हुई थी। स्त्रियों की शिक्षा को लेकर लोग उदासीन थे, ऐसे में ज्योतिबा फुले ने समाज को इन कुरीतियों से मुक्त करने के लिए बड़े पैमाने पर आंदोलन चलाए। उन्होंने महाराष्ट्र में सर्वप्रथम महिला शिक्षा तथा अछूतोद्धार का काम आरंभ किया था। उन्होंने पुणे में लड़कियों के लिए भारत की पहला विद्यालय खोला।

जय भोले सेवा समिति की प्रदेश अध्यक्ष शिवानी जैन एडवोकेट, शार्क फाउंडेशन की तहसील प्रभारी डॉ एच सी अंजू लता जैन, बीना एडवोकेट, मीरा एडवोकेट,

मां सरस्वती शिक्षा समिति के संरक्षक आलोक मित्तल एडवोकेट, ज्ञानेंद्र चौधरी एडवोकेट, डॉ आरके शर्मा, निदेशक डॉक्टर नरेंद्र चौधरी आदि ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले का मूल उद्देश्य स्त्रियों को शिक्षा का अधिकार प्रदान करना, बाल विवाह का विरोध, विधवा विवाह का समर्थन करना रहा है। फुले समाज की कुप्रथा, अंधश्रद्धा की जाल से समाज को मुक्त करना चाहते थे।

Exit mobile version