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पीड़ित दर दर की ठोकरे खाने को है मजबूर। कहीं भी नहीं मिल रहा है न्याय।

 

 

*एक माह पहले हुए विवाद में जख्मी पीड़ित को अभी तक नहीं मिल सका न्याय।*

*उल्टा पीड़ित पक्ष को ही साजिश के तहत फसाया गया।*

 

*पीड़ित दर दर की ठोकरे खाने को है मजबूर। कहीं भी नहीं मिल रहा है न्याय।

आपको बता दूं कि उत्तर प्रदेश कौशांबी जनपद के पश्चिम शरीरा थाना अंतर्गत नसरुल्लापुर ग्राम सभा का मामला सामने आया है जहां पर बीते 25 फ़रवरी को गांव के ही हरिश्चंद्र से खेत में पानी लगाते समय झगड़ा हो गया था जिसमें पीड़ित राज करन को विपक्षियों ने लाठी डंडा वा परसा से प्रहार कर दिया। जिससे पीड़ित बुरी तरह घायल हो गया। जिससे पीड़ित के सर पर गंभीर चोटे आई। पीड़ित के थाने में शिकायत करने के बाद। पुलिस प्रशासन ने पीड़ित की 323,504,506 मामूली धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया। जबकि विपक्षी मनगढ़ंत वा साजिश के तहत धारा 304 में मुकदमा पंजीकृत कराकर पीड़ित को परेशान किया है। जबकि असलियत इस मामले से कोसों दूर है। पीड़ित ने आरोप लगाते हुए। कहा कि विपक्षी व पुलिस प्रशासन की मिलीभगत के कारण मेरे व मेरे परिवार के लोगो के ऊपर गंभीर धारा में मुकदमा पंजीकृत किया गया। वही मैं एक महीने से पुलिस प्रशासन के चक्कर काटते काटते थक गया। मगर मेरी कहीं भी सुनवाई नहीं हुई। वहीं पर विपक्षी ने मनगढ़ंत बातें बताकर मेरे खिलाफ कार्रवाई की हैं। इधर एक पक्षीय कार्यवाही होने से परेशान पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाइ हैं। अब देखना यह है कि इस मामले में प्रशासन क्या कार्रवाई करती है या यूं ही मामले को हीला हवाली कर ठंडा बस्ते में डाल दिया जाएगा। इस मामले में अगर पुलिस प्रशासन निष्पक्ष जांच करें तो पूरे मामले का खुलासा सामने आ सकता है।

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