
इस मशीन पर एकीकृत संस्था के क्रीडा अंटार्कटमेंट के
राष्ट्रपति वीर विक्रम सिंह ने बताया कि सनातन धर्म में बंदर को बजरंगबली का रूप माना जाता है और इसी संस्था ने अपनी आस्था का चित्रण करते हुए विधि विधान से बंदर का अंतिम संस्कार किया था।
युवा क्रीड़ा के अध्यक्ष वीर विक्रम सिंह ने लोगों से अपील की है कि सभी लोग इस प्रकार के विध्वंस के लिए आएं ताकि उनकी विधि विधान से अंतिम संस्कार किया जा सके। संस्था के आई टी सेल प्रभारी मोनू यादव ने कहा कि संस्था इस प्रकार की है। सामाजिक कार्य में आगे रहने का कार्य होता है। संस्था के संरक्षक प्रिंस मिश्र दिशा निर्देश पर कार्य करते हैं।
अंतिम संस्कार में शिक्षक साकेत सर्वेश कांत वर्मा, शीतला प्रसाद पांडे, बीरेंद्र मिश्र, नाथूराम यादव, मथुरा प्रसाद सिंह जटायू, राज बहादुर राणा, नफीसा खातून, कांति सिंह, डॉक्टर सुनील कुमार पेंज साहित्येंदु, राम प्रसाद सिंह, कमल नयन तिवारी आदि शामिल हुए। लोग रह रहे हैं।
